skip to main |
skip to sidebar
तीन सहेलियां
एक लाल रंग की तितली थी। एक तितली पीले रंग की थी। और
एक सफेद रंग की। तीनों अच्छी दोस्त थी।हर रोज तीनों सहेलियां पार्क में साथ साथ
खेलती थी। एक दिन जब ये तीनों सहेलियां पार्क में खेल रही थी अचानक झमाझम बारिस होने लगी। वर्षा के पानी
से तीनों तितलियों के पंख भीगने लगे।ठंड से सिर से पांव तक वे कांपने लगी।ठंड से कांपते
हुए वे तीनों तितलियां उद्यान में खिले लाल फूल की तरफ उड़ी।तीनों लाल फूल से बोली
लाल फूल दीदी कृपया हमें अपनी पंखुड़ियों में छुपा दो ताकि हम इस बारिस में भीगने
से बच जाएं। लाल फूल बोला लाल तितली बहन तुम आ जाओ। अन्य दो तितली यहां से तुरन्त
रफूचक्कर हो जाओ। तीनों सहेलियों ने एक साथ ना में सिर हिलाया और कहा हम तीनों
अच्छी सहेलियां हैं। हम एक साथ उद्यान में खेलने आती हैं एक साथ घर वापस जाती हैं।
निराश होकर वे तीनों पीले फूल के पास उड़ कर गई। पीले फूल से बोली पीले फूल दीदी
कृपया अपनी पंखुड़ियों के नीचे हमें शरण दे दो ताकि हम बारिस से भीगने से बच जाएं।पीले
फूल ने कहा पीली तितली तुम आओ और मेरी
पंखुड़ियों में छिप जाओ।लाल व सफेद तितली तुम यहां से भाग जाओ। तीनों सहेलियों ने
एक साथ ना में सिर हिलाया और कहा हम तीनों अच्छी सहेलियां हैं। हम एक साथ उद्यान
में खेलने आती हैं एक साथ घर वापस जाती हैं। अंत में तीनों सहेलियां सफेद फूल के
पास गई और सफेद फूल से बोली सफेद फूल दीदी दया करके हमें अपनी पंखुड़ियों के नीचे
शरण दे दो ताकि हम बारिस में भीगने से बच जाएं। सफेद फूल ने कहा सफेद तितली तुम आ
जाओ। लाल और पीली तितली तुम यहां से भाग जाओ। तीनों सहेलियों ने एक साथ ना में सिर
हिलाया और कहा हम तीनों अच्छी सहेलियां हैं। हम एक साथ उद्यान में खेलने आती हैं
एक साथ घर वापस जाती हैं। बादलों के पीछे छुप कर सूरज दादा यह सब देख रहे
थे।उन्होने जल्दी से बादलों को भगाया और बारिस से थम जाने को कहा। इस प्रकार आकाश
साफ होगया। धूप खिल गई। तीनों सहेलियां फूलों के झुरमुट में फिर से साथ साथ
अठखेलियां करने लगी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें