सोमवार, 2 मई 2016

बिलौटे ने मछली पकड़ी


बिलौटे ने मछली पकड़ी
छोटी बिल्ली बड़ी बिल्ली एक साथ नदी किनारे मछली मारने गई थी। जैसे ही उन्होंने नदी में अपने अपने जाल फैंके एक ड्रैगन मक्खी उड़ती हुई आई। बिल्ली के बच्चे ने जैसे ही ड्रैगन मक्खी को उड़ते हुए आते देखा तो झटसे अपने मछली पकड़ने वाले जाल को नीचे फैंका और ड्रैगन मक्खी को पकड़ने भागी।लेकिन ड्रैगन मक्खी फुर्र से उड़ गई। बिलौटा हाथ मलता वापस नदी किनारे मछली पकड़ने आगया। तभी उसने देखा कि बड़ी बिल्ली ने एक बड़ी मछली पकड़ ली है। इसी समय एक तितली उड़ती हुई आई।बिलौटे  ने जैसे ही तितली को देखा फटाफट मछली पकड़ने वाला डंडा जमीन पर फैककर तितली पकड़ने भागा। तितली भी फुर्र से उड़ गई। बिलौटा फिर खाली हाथ नदी किनारे मछली पकड़ने वापस आगया। इतनी देर में बड़ी बिल्ली ने फिर एक बड़ी मछली पकड़ ली थी। बिलौटे को बड़ा गुस्सा आया। वह बोला मैं क्यों एक छोटी मछली भी नहीं पकड़ पा रहा हूं। बड़ी बिल्ली ने बिलौटे को घूर कर देखा और कहा मछली पकड़नी है तो मन लगाकर मछली पकड़ो। इस प्रकार आधे अधूरे मन से कभी ड्रैगन मक्खी पकड़ने भागोगे और कभी तितली के पीछे भागोगे तो कैसे मछली पकड़ पाओगे। बिलौटे ने बड़ी बिल्ली की बात सुनी और मन लगाकर मछली पकड़ने लगा। तभी ड्रैगन मक्खी उड़ती हुई आई उसके पीछे पीछे तितली उड़ती हुई आई। लेकिन बिलैटे ने उनकी ओर आंख उठाकर भी नहीं देखा। वह मछली पकड़ने में तल्लीन था। थोड़ी सी देर में उसके जाल में भी एक बड़ी मछली फंस गई।


(ये कहानी चीनी तथा अंग्रेजी भाषा में  http://chinesereadingpractice.com/category/beginner/childrens-stories/ में उपलब्ध है। मुझे लगा कि हिंदी भाषी भी इसे पसंद करेंगे। इसीलिए हिंदी में अनुवाद करने की कोशिश की।)


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