नन्ही सी घास यिन यिन के चांदी जैसे बाल
नन्ही सी घास यिन यिन को चांदी जैसा चमकता सफेद रग बहुत
पसंद था। वह चाहती थी कि उसके बालों का रग चांदी जैसा सफेद होजाय। इसलिए जब बसन्त
ऋतु आई तो उसने बसन्त की देवी से अपने सिर के बालों को चांदी के रंग में रंगने की प्रार्थना
की। बसन्त की देवी ने माफी मांगते हुए कहा यिन यिन मैं तुम्हारे सिर के बाल केवल
हल्के हरे रंग में रंग सकती हूं। बसन्त की देवी का उत्तर सुन कर यिन यिन को बड़ी
निराशा हुई। बसन्त के बाद ग्रीष्म ऋतु आई।
ग्रीष्म ऋतु की देवी से यिन यिन ने फिर
अपनी पुरानी मांग दोहराई। ग्रीष्म ऋतु की देवी ने भी यिन यिन की मांग मानने में
अपनी असमर्थता जताई और कहा कि मैं तुम्हारे सिर के बाल केवल गहरे हरे रंग में ही
रंग सकती हूं। यिन यिन को ना सुन कर फिर बड़ा आघात लगा।
इसके बाद शरद ऋतु आई। यिन यिन ने शरद ऋतु की देवी से भी प्रार्थना दोहराई ।
शरद ऋतु की देवी ने भी माफी मांगते हुए कहा कि मैं तुम्हारे बाल सोने जैसे पीले
रंग में रंग सकती हूं।ना सुनकर यिन यिन को बहुत पीड़ा हुई। अंत में जाड़े का मौसम
आया। शिशिर ऋतु(जाड़े का मौसम )आते ही नन्ही सी यिन यिन ने जाड़े की देवी से कहा
कि वह यिन यिन के सिर के बाल चादी जैसे सफेद कर दे। जाड़े की देवी ने उत्तर दिया
कि वह य़िन यिन के सिर के बाल चांदी जैसे सफेद तो रंग देगी। लेकिन बाद में यिन यिन
को अपने सफेद बाल देख कर पछतावा तो नही होगा। यिन यिन ने चहकते हुए कहा बिलकुल
नहीं। चादी जैसे चमकते सिर के बाल पाकर मेरी खुशी का पारावार नही रहेगा। जाड़े की
देवी ने यिन यिन के बाल चादी जैसे सफेद कर दिये। इस प्रकर यिन यिन के सिर के बाल
चादी जैसे सफेद होगए। परन्तु य़कायक यिन
यिन के सिर के बाल झड़ने भी लग गए। अब यिन यिन को समझ आगयी कि यदि बालों को
बार बार रंगा जायगा तो व टूटेंगे और झड़ेंगे ही।
(ये कहानी चीनी तथा
अंग्रेजी भाषा में http://chinesereadingpractice.com/category/beginner/childrens-stories/
में उपलब्ध है। मुझे लगा कि हिंदी भाषी भी इसे पसंद करेंगे। इसीलिए
हिंदी में अनुवाद करने की कोशिश की।)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें